1 करोड़ शासन की राशि का दुरुपयोग जिम्मेदार कौन,। वन भूमि में बिना परमिशन ,बनबा दिए पीएम आवास के पक्के मकान,दूसरी क़िस्त में हुआ खुलासा,।
वन भूमि में बिना परमिशन ,बनबा दिए पीएम आवास के पक्के मकान,दूसरी क़िस्त में हुआ खुलासा,।
1 करोड़ से अधिक राशि का बड़ा खेल, किस्से होगी शासन के पैसे की री कवरी बड़ा सबाल,।।
पॉइंट 1,,, शासन का लाखो रुपया बर्बाद कर वन भूमि पर नगर परिषद रन्नौद ने बनबा दिए पीएम आवास की कुटीर,,,, कक्ष क्रमांक 232 आर एफ बीट रन्नौद का। मामला,।।
पॉइंट 2, ,,पीएम आवास योजना की दूसरी क़िस्त के लिए ,करीब 100 से अधिक आदिवासी महिलाओं ने नगर परिषद का किया घेराव,।
पॉइंट 3,,, महिलाएं बोली हम करीब 10 बर्ष से टोकनी स्थित पहाड़ पर रह रहे है, मुख्यमंत्री शिवराज मामा ने हमे यही पर रहने को बोला है की पट्टे दिए जाएंगे,।।
बिशेष कब्रेज,। 7024637272
मोहम्मद फरहान काजी@ रन्नौद,/शिवपुरी,।।जिले की नव निर्मित नगर परिषद रन्नौद में आज उस समय चिल्ला चोट शुरू हो गई जब पीएम आवास योजना की दूसरी क़िस्त न ढलने से नाराज 100 अधिक महिलाओं ने रैली निकाल कर पहले तो नगर परिषद अध्यक्ष राजकुमारी जमुना प्रसाद कुशवाह के आवास पर हल्ला बोल दिया , जिसके बाद अपनी मांगों को लेकर महिलाओं ने नगर परिषद में विरोध प्रदर्शन करीब 1 घंटे तक जारी रखा मांग पत्र के रूप में ज्ञापन लेकर नवागत सीएमओ संतोष कुमार सोनी ने आक्रोशित महिलाओं से समय मांगा की हम कुछ करते है ,तब कही जाकर महिलाओं का शक्ति प्रदर्शन खत्म हुआ,।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ,ख़बर नगर परिषद रन्नौद से आई है जहां सोमवार सुबह 11 बजे 100 से अधिक महिलाओं ने लामबंद होकर नगर परिषद अध्यक्ष के आवास एवं नगर परिषद कार्यलय रन्नौद पर जाकर पीएम आवास की दूसरी क़िस्त न ढलने के चलते विरोध प्रदर्शन किया है महिलाओं ने नारे लगाते हुए बोली कि हमारी पहली किस्त डल गई है अब छत ढलने के लिए हमे दूसरी क़िस्त नहीं डाली जा रही है जिससे बारिश में हर दिन बड़े दुःख में समय व्यतीत करना पड़ रहा है साथ ही प्रत्येक आवास के लाभार्थी व्यक्तियों को भूमि स्वामी व खसरा खतौनी मांगी जा रही है जबकि करीब 10 बर्ष से आदिवासी समाज के लोग उक्त स्थान पर रह रहे है जबकि वह जमीन रेंज विभाग की है, ।।
पाठकों ज्ञात हो कि बर्ष 2013 में ज्यादा बारिश होने से नदी नाले कई दिनों तक उफान पर रहे थे वही पहाड़ा खुर्द के बड़े बड़े तालाब में भी दरारें आ गई थी साथ ही किसी आदिवासी मजदूर वर्ग के लिए ज्यादा परेशानी न हो इस लिए उस समय शासन के आला अफसरों ने आदिवासी समाज के लोगो के लिए 148 जुग्घी झोपड़ी बनाने मौखिक परमिशन दिला दी थी तब से आदिवासी समाज के करीब 150 परिवार के सदस्य वहां रह कर अपना जीवन यापन कर रहे है, ।।
पूर्व में वन महकमे के आला अफसरों ने वन भूमि खाली कराने के उद्देश्य से वहाँ जमे आदिवासियों को हटाने का प्रयास किया तब नही हटे तब से उक्त जगह पर रह रहे है,अब ऐसे में प्रदेश सरकार ने ग्राम पंचायत रन्नौद को हटा कर नगर परिषद में तब्दील कर दिया है, इधर नगर परिषद अस्तित्व में आई तो नगर में गरीब जनता को पीएम आवास योजना का लाभ देने के लिए सारे जरूरत के कागजात कम्प्लीट कर ,क़िस्त ढलना शुरू कर दिया है,।।
पाठकों को एक मजे की बता दे कि नगर परिषद रन्नौद में जैसे ही कुटीर योजना का काम चालू हुआ तो नगर के छूट भैया नेता व नगर परिषद के दलालों ने भ्रस्टाचार का बड़ा खेल खेल दिया जी हाँ हम आपको बता दे कि नगर परिषद रन्नौद के जिम्मदरो ने अपनी जेबो को भरते हुए फारेस्ट की जमीन पर जहां करीब 10 बर्ष से आदिवासी समाज के काफी लोग रह रहे हैं ,।।
बता दे कि टोकनी निवासियों को पक्के पीएम आवास देने के लालच में वन महकमे के जिम्मेदारो से साठ गांठ करके बिना परमिशन पक्के मकान बनाये जाने हेतु पहली किस्त 1 लाख - 1 लाख दलबा दी ,अब जब लंबा समय बीतने के बाद दूसरी क़िस्त की बात आई तो नवागत सीएमओ ने अपने हाथ बचाते हुए रेंज भूमि पर लाखों रुपया डालने से साफ तौर पर मना कर दिया जिससे नाराज आदिवासी समाज की 100 से अधिक महिलाओं ने नगर परिषद का घेराव कर दूसरी क़िस्त डालने दबाब बना कर प्रदर्शन किया है,।
अब ऐसे में नवागत सीएमओ भी परेशानी में आ गए है, की रेंज जमीन में पीएम आवास क़िस्त कैसे डाल दे, दूसरी ओर बारिश में गरीब आदिवासी समाज को घर पर रहने छत तक नहीं है ऐसे बारिश के मौसम में कहा जाए आदिवासी वर्ग के लोग,,,।। वही नगर परिषद रन्नौद सीएमओ ने महिलाओं की समस्या सुन उनका ज्ञापन लिया है जल्द समस्या हल करने का भरोसा दिया है ,अब देखना यह होगा कि पूर्व में बिना परमिशन लाखो रुपया बर्बाद कर के पहली किस्त डाल दी गई ओर हितग्राही ने आधा अधूरा मकान का निर्माण कर लिया है, दूसरी क़िस्त कब और कैसे डालेगी,। साथ ही वन महकमे की जमीन पर पक्के मकान बन गए और जिम्मेदारो ने एक्शन नहीं लिया आगे मामला पूरा देखना दिलचस्व होगा।।
इन पीड़ितों ने बताई अपनी पीड़ा जिनमे नाम इस प्रकार है -/ मान सिंह आदिवासी निवासी रन्नौद टोकनी,हनुमन सिंह गुजर्र रन्नौद टोकनी,अजब कुँवर गुर्जर रन्नौद टोकनी,समन्दी आदिवासी रन्नौद,प्रेम बाई गुर्जर,रघुराज आदिवासी,धनिया बाई आदिवासी,सिया बाई ,पंजाब सिंह गुर्जर,श्याम कुँवर गुर्जर,बबलू आदिवासी,नारायण आदिवासी ,माथु राम आदिवासी,,अमर सिंह दुसरी,ब्रजभान अदिबासी,किशन आदिवासी,,वाल किशन आदिवासी आदि लोगो ने ज्ञापन दिया,।।
इनका कहना है,। संतोष कुमार सोनी सीएमओ नगर परिषद रन्नौद, ।। जिन महिलाओं ने आज प्रदर्शन कर हमें ज्ञापन दिया है ,उक्त हितग्राही ने पीएम आवास का लाभ लेने कुटीर बनाई है वह रेंज की जमीन में है जिस कारण वन्स क़िस्त डालने के लिए दबाब बना रहे है लोग ,हम वन भूमि में बन रही कुटीर की दूसरी क़िस्त डालने में असामर्थ है,साथ ही हमारे द्वारा कलेक्टर साहब एवं नगर संचालक ग्वालियर (जीडी) को पत्र भेज कर आगे की कार्यवाई करेंगे,।।
इनका कहना है , राम भरोसा शर्मा पूर्व सीएमओ नगर परिषद रन्नौद,।। हमने पात्रता सूची देख कर क़िस्त जारी कर दी थी, साथ ही पात्रता सूची पर धाकड़ बाबू, पटवारी ,कलेक्टर साहब के साईंन है, उस आधार पर क़िस्त डली है, मुझे क्या मालूम कि रेंज जमीन में कैसे कुटीर बन गई हमे रेंज वालो ने नोटिस नहीं दिया,न हमे मतलव की रेंज की जमीन है या नहीं, जिम्मेदार नगर परिषद के बाबू है ,।।
इनका कहना है , मनोज कुमार सिंह एसडीओ वन विभाग शिवपुरी,।। अगर कुटीर रेंज विभाग में बनाई जा रही है तो उनको रोका जाएगा, जल्द बेदखल किया जाएगा, वन रक्षक की लापरवाही से बनी है तो गार्ड पर कार्यवाई की जबेगी,।
बॉक्स , 2018 में सीएम शिवराज सिंह चौहान ने भरोसा दिलाया था कि आदिवासी लोगो को रन्नौद में स्थित टोकनी पर पट्ठे दिए जाएंगे और कोई भी अधिकारी नहीं हटाएगा , वह मौखिक आदेश अधिकारियों को अबैध कब्जे हटाने में परेशानी का सबब बने हुए है।।




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