उदासीनता -/ सालों से जमे एक माड़साब को कार्यवाइ का कतई डर नही, समय से पहले डेली स्कूल बन्द,।। जिम्मेदार बेसुध
शिक्षा विभाग के अधिकारी एक शिक्षक का रवैया नहीं करा पाए सही छात्रों का भविष्य से जमकर खिलवाड़,।।
सालों से 2 से 3 बजे स्कूल बन्द करने के आदि, माड़साब ,अधिकारी बोले जल्द करेंगे कार्यवाई।।
बॉक्स ,। सरकारी स्कूलों के निरीक्षण की जिम्मेदारी, एपीसी, डीपीसी, बीईओ, डीईओ, जिला पंचायत सीईओ और कलेक्टर तक की भी होती है। यह अधिकारी कभी कभार ही ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूलों का निरीक्षण करने जाते हैं। यही वजह है कि शिक्षक भी मनमानी में कोई कसर नहीं छोड़ते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब परिवारों के बच्चों का भविष्य खराब हो रहा है।
मोहम्मद फरहान काजी@ -/ रन्नौद, / शिवपुरी, जिले भर में शिक्षा विभाग के आला अधिकारी स्कूलो में निरीक्षण कर सरकारी स्कूलो मैं शिक्षा का गिराता हुआ स्तर ठीक करने की बात कहते नजर आते हैं ,वही दूसरी ओर कुछ कड़क रवैया वाले माड़साब आला अफसरों की मोर्नीटिंग पर हावी हो रहे है, ।।
जी हाँ हम बात कर रहे है बदरवास ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले संकुल केंद्र रन्नौद के माडा गणेश खेड़ा स्कूल की बात कर रहे हैं जो कि बालक छात्रवास के नजदीक है, जहाँ पर पिछले कई साल से एक शिक्षक पदस्थ है जिनका नाम बद्रीपाल जो कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने से नही चूकते है,।।
अभी फिलहाल छात्रों के एडमिशन का कार्य चल रहा है लेकिन इन माड़साब को कोई चिंता ही नहीं है, किसी न किसी तरह का बहाना बना कर बच्चो की छुट्टी कर घर को प्रस्थान कर देते हैं, ऐसा ही मामला बुधवार के दिन देखने को मिला है, ।।जब मीडिया हाउस टीम 3 बज कर 10 मिनिट पर शासकीय माध्यमिक विद्यालय माडागणेश खेड़ा स्कूल पहुची वहां देखा गया कि स्कूल बन्द है,गंदगी के अंबार पर नजर दौड़ाई तो ऐसा लगा की सालों से स्कूल बन्द हो क्योंकि वहां मौजूद गंदगी बता रही थी कि स्कूल के हालात व स्कूली छात्रों की क्या दुर्दशा होगी,।
प्राप्त जानकारी अनुसार ,इन दिनों सरकारी स्कूलो में एडमिशन का कार्य चल रहा है ग्रामीण क्षेत्र में सरकारी स्कूलों की हालत दिन प्रतिदिन खराब होती जा रही है। स्कूल अपने निर्धारित समय पर न तो खुलते हैं और न कभी निर्धारित समय पर बंद होते हैं। शिक्षा विभाग की ओर से जारी समय 10 .30 से शाम 4.30 बजे तक स्कूल संचालित होना है लेकिन ऐसा संकुल केंद्र रन्नौद के शासकीय माध्यमिक विद्यालय माडागणेश खेड़ा पर नहीं हो रहा है एक शिक्षक एवं दो अतिथि शिक्षक पदस्थ है,।।
मामले की जानकारी लेना चाही तो स्कूल प्रभारी बद्रीपाल का कहना था कि में स्कूल से मैपिंग कराने आया हु रन्नौद में लोधी कम्प्यूटर की दुकान पर हु, जब लोधी कम्प्यूटर संचालक से बात की गई तो उनका कहना है कि हमारे पास बद्रीपाल माड़साब नहीं आये हैं, ऐसे में शिक्षक झूट बोलने के कितने आदि है यह तो मामला किलियर है, ।।
पाठकों को ज्ञात करा दे कि यह शिक्षक का यह जबरन स्कूल बन्द कर छात्रों को भगाने का सिलसिला पिछले कई साल से निरंतन जारी है, आला अफसर उक्त कड़क रवैया वाले शिक्षक पर अब क्या कुछ कार्यवाई करेंगे देखना दिलचस्व होगा सरकार छात्रों के उज्ज्वल भविष्य के लिए संकल्पित लिए हुए हैं,लेकिन शिक्षक के हालात बेकार हो रहे है।।
इनका कहना है, बद्रीपाल शिक्षक माडा गणेशखेड़ा, हम छात्रों की मैपिंग कराने रन्नौद आये है, इस लिए स्कूल बन्द कर दिया।।
इनका कहना है, पंकज सोनी संकुल केंद्र प्रभारी रन्नौद,। इस तरह से शिक्षक को समय से पहले स्कूल बन्द कर ताला नहीं लगाना चाहिए, बच्चो में बीमारी न फैले गंदगी पर ध्यान देना होगा,हम खुद जांच कर लेते है दोषी शिक्षक पर कार्यवाई करेंगे,।।




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