घटना :- आदिवासी छात्र छत्राओ के जीवन के साथ बड़ा खिलबाड़ , स्कूल के किचिन सेट की छत भरभरा कर गिरी बाल बाल बचे छात्र - छात्रा
पॉइंट 1,,,, स्कूल की छुट्टी के तुरंत बाद गिरी किचन की छत बच्चों को स्कूल भेजने से डर रहे माता-पिता
पॉइंट 2,,,, प्राथमिक विद्यालय के किचन की छत गिरने का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर धूम मचा रहा है ।।
पॉइंट 3 ,,,,जिले भर के अधिकारियों में मची खलबली,,आदिवासियों के क्षेत्र की घटना कही दूसरा रूप न ले जाये, दिन भर जिम्मेदारों की टोली निरीक्षण करने पहुचती रही,।।
पॉइंट 4,,,, सुबह सुबह रन्नौद तहसीलदार व रन्नौद प्रभारी ने भवन का जायजा लिया, ।।
पॉइंट 5,,,, शाम होने से पहले , शिक्षा विभाग के बीआरसी व , संकुल प्राचार्य , एवं सीएसी घटना स्थल की बारीकी से जांच पड़ताल करने पहुचे,।।
मोहम्माद फरहान काजी@ रन्नौद, - शिवपुरी, ख़बर रन्नौद थाना क्षेत्र के ख़रीला गांव से आई है जहां एक आदिवास बस्ती में बने स्कूल भवन के किचिन कि छत भरभरा कर गिर गई है , गनीमत रही कि उक्त समय मे गरीब तबके के छात्र छत्राओ में से कोई मौजूद नही था बरना आज चारो तरफ चीख पुकार नजर आती,।
जानकारी के अनुसार, नगर परिषद के बार्ड क्रमांक 13 के ख़रीला में एक स्कूल के किचिन की छत भरभरा कर गिर गई जिससे बड़ी घटना भी टल गई है ,गनीमत रही कि बच्चो की छुट्टी होने के बाद यह घटना घटित हुई बरना मामला संभाले नही सम्भलता ,गांव के लोगो मे भारी आक्रोश देखा गया है, गांव के लोगो का कहना है कि, स्कूल के लिए किचिन सेट बन रहा था जब गांव के लोगो ने विरोध भी किया था उसके बाद भी कोई सुध नही ली गई और आज यह घटना घटित हो गई, वीडियो में परिजन आरोप लगाते भी दिखे जा रहे है कि इस तरह गरीब आदिवासी बच्चो के लिए ऐसे मौत के स्कूल भवन या किचिन सेट बनते रहेंगे तो हम अपने बच्चों को कभी भी स्कूल पड़ने नहीं भेजेंगे ,, ।।
बता दे कि नई बिल्डिंग स्कूल की बन कर तैयार हो गई है , उसमे बच्चो को शिफ्ट किया जाएगा लेकिन जानकारों की माने तो वह बिल्डिंग स्कूल के छात्र छत्राओ के लिए बनी है वह पास नहीं हुई है, जिसमे गुणवत्ताहीन सामग्री लगाई गई है, साथ ही वन भूमि में उक्त स्कूल की बिल्डिंग बनी है जिससे भुगतान भी रोका गया है।।
हालांकि यह बिल्डिंग भी कुछ साल पूर्व ही बनाई गई थी ,जिसमें गुणवत्तापूर्ण कार्य नही किया गया था जिससे बिन बारिश हुए आदिवासी बस्ती में बने स्कूल भवन के किचिन सेट भरभरा कर जमीन दोज़ हो गया,जब भरभरा कर गिरा तो बच्चे नहीं पड़ रहे थे, ।।
गांव के लोगो ने वीडियो में बताया गया कि कितना कमजोर भवन बनाया था, जिसका सरिया खुद उदाहरण दे रहा है कि किस तरह पैसे की बचत करते हुए गरीब आदिवासी छात्र छत्राओ के साथ खिलबाड़ किया है , आज कोई बड़ी अनहोनी जो जाती, जिसकी जिम्मेदारी लेने कोन होता तैयार,,,,।।
यहाँ बताना जरूरी है कि अबसे कुछ साल पहले ही इस इलाके के सरपंच के द्वारा इस स्कूल की छत डलवाई गई थी ऐसे में इस घटिया निर्माण की न केवल जांच किए जाने की जरूरत है बल्कि जिम्मेदारों को बच्चों की जिंदगी से खेलने का सबक देना भी जरूरी है लेकिन सच्चाई यह है कि इस कि इस मसले पर जिम्मेदार अधिकारी फिलहाल कुछ बोलने की स्थिति में नहीं है
बच्चों को स्कूल भेजने से लग रहा डर नगर परिषद रनोद के अंतर्गत आने वाले खरीला प्राथमिक विद्यालय के रसोई की छत गिरने के मामले में यहां रहने वाले अभिभावकों को सदमे में ला दिया है यही कारण है की माता-पिता अपने बच्चों को स्कूल भेजने से डरने लगे हैं
बॉक्स :- तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर जाएजा लिया है निरीक्षण के दौरान जब उनसे पूछा गया तो कैमरे पर तो कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया लेकिन उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच की जाएगी और जो दोषी होंगे उनके ऊपर कठोर कार्रवाई होगी लेकिन यह कठोर कार्रवाई कब और कैसे होगी यह कोई नहीं जानता।।
स्कूल भवन के चारो ओर गंदगी व अबैध कब्जो के कारण छात्र छत्राओ को एवं महिला शिक्षक को अच्छी खासी परेशानी उठानी पड़ती है लेकिन स्तिति जस की तस है, अब देखना यह होगा जिम्मेदारों का आगे क्या एक्शन होगा।।
इनका कहना है , मंगल सिंह आदिवासी ख़रीला निवासी ,।। रसोई भवन की छत गिरी है वह बहुत गलत हुआ बच्चो को कछु हो जाता कौन क्या करता , आदिवासी के साथ ऐसा खिलबाड़ क्यों कार्यवाई हो दोषियों पर........!!
इनका कहना है,।। प्रकाश आदिवासी ख़रीला निवासी,।। आज स्कूल के किचिन सेट की छत गिर गई बहुत ही गलत हुआ है, पहले बा किचिन में खाना बनता था जब बिल्डिंग की छत में झोल आया तो कोई मर मुरा न जाये जे कारण से किचिन को बन्द कर दिया गया, साथ ही घटिया काम हुआ था रसोई भवन में सरिया भी कमजोर डाला था, अब ऐसे स्कूलो में हम तो न भेजेंगे हमारे बच्चो को पढ़ने के लिए , दब कर मर गए तो हम गरीबों कोई सुनवाई नही करेगा ,अब शासन अपने स्तर से कार्यवाइ करे तो अच्छा होगा,।।
इनका कहना है,।। अनीता सोनी महिला शिक्षक,,, आज यह स्कूल के किचिन भवन भरभरा कर गिर गया है इसकी जानकारी हर माह अधिकारियों को अवगत करा दी जाती थी साथ ही किचिन भवन की जानकारी ऑनलाइन शिक्षा विभाग के शिकायती पोर्टल पर दर्ज कर दी उसके बाद कोई हल नही निकला जिससे आज यह घटना घटी है गनीमत रही कि स्कूल की छुट्टी के बाद हादसा हुआ बरना मुझे ही दोषी बनाया जाता।।




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