शा.मधमिक विद्यालय मेघौना डांग सतेंद्र कलावत के कड़क रवैये के चलते समय से पहले बन्द हो जाता. बो भी एक अथिति व एक प्राइबेट शिक्षक ठेके के रूप में कलावत द्वारा नियुक्त किया है , बच्चों के भविष्य से किया जा रहा है खिलवाड़ जिम्मेदार मोन।
(प्रधान संपादक मोहम्मदफरहं काजी की रिपोर्ट)
ग्रामीण पूरन व खेरू के हवाले से जानकारी है अध्यापक सतेंद्र कलावत को 2012 में सस्पेंड कर दिया था फिर 10/10 /16,,, को बहाल कर दिया और बहि का बही नियुक्त कर दिया शासन ने फिर यही आलम है प्राइबेट अथिति शिक्षक ठेके के रूप में बच्चों को पड़ बया जा रहा है। कैसे बनेगा बच्चों का भबिष्य।
आखिर 4 30 बजे से पहले क्यों होते है स्कूल बन्द।क्या जिले के आला अधिकारी का भय नही है ।या यू कहे फिर अधिकारी द्वारा कोई स्कूलो का समय रहते कोई जांच पड़ताल नही की जाती है।समय पर जांच नही होती इसी बात का शिक्षक लोग फायदा उठा लेते है।समय -समय पर स्कूल की जांच कर कार्यवाही की दरकार।
कड़क अंदाज में मीडिया को देखे स्कूल बन्द । कार्यवाही शून्य होना तय लिंक जो बैठा रखी है। शिक्षको ने फिर भी देखते है मीडिया को कब तक गुमराह किया जायेगा।
जिम्मेदाराना अध्यापक सतेंद्र कलावत को क्यों शासन के तहत बताये गए नियम में दिक्कत अ रही है समय 10 30 बजे से 4. 30.बजे तक स्कूल परिसर खुलना हर हाल में लाजमी है किसी भी हद तक बो शिक्षक किसी भी बड़े घराने का हो या नेता नगरी से जुड़ा हो उसको भी यह समय का पालन करना पड़ेगा नही तो शिक्षक पर या जिम्मेदाराना अधिकारी पर कार्यवाही होना अति अवश्यक है। तभी माहौल बनेगा।
ग्राम के आस पास व स्कूल परिसर में गन्दगी का अम्बार लगा रहता है देखने वाला कोई जिम्मेदार नही न शिक्षक ने साफ सफाई का लेते जाएजा न सरपंच सचिव ।न ही स्कूल परिसर में गेट न है खेल मैदान अगर स्कूल परिसर में ग्राउंड है तो मवेसी का आतंग उसमे गन्दगी से भरा हुआ।
शौचालय का नही कोई अच्छा इंतेजाम गन्दगी में ही करना पड़ता है शौच।
अग्निचक्र की पड़ताल में ग्रामीण ने लगाये प्रदेश शासन व जिले के आला अधिकारी पर आरोप
मोहम्मद फरहान काजी। एक तरफ जहाँ केंद्र सरकार व प्रदेश सरकार बच्चों का भविष्य सवार ने के लिए हर तरफ से प्रयास में जुटी है और हर मूल भूत सुबिधा देने का प्रयास कर रही है परन्तु शिक्षकों द्वारा उन्हें मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है।
ग्रामीणों के हवाले से ख़बर है स्कूल खुलने का समय फिक्स नही है न बन्द होने का समय फिक्स है।इसका मुख्य कारण है शिक्षक की मनमानी कैसे बनेगा बच्चों का भबिष्य।
नियमित शिक्षक नही बैठते तभी तो छात्र छात्राओ द्वारा प्राइबेट स्कूल में दखला कराया जाता है फिर उन छात्र छात्राओ के पालक प्राइबेट स्कूल संचालक के मजबूरी के शिकार हो जाते है। और शासन की योजनाये केवल और केवल कगजो में दिखाई देती है। जब सरकारी स्कूल में शिक्षक समय से पहले चले जाते है तभी तो बच्चे स्कूल जाने के बाद पढ़ाई में भी मन नही लगाते है। जिसका मुख्य कारण है शिक्षक का का समय से पहले स्कूल जाना
आये दिन देखा जाता है 3 15 बजे तो हर हाल में बन्द करके शिक्षक अपने घर के लिए प्रस्थान कर देते है।और सबसे मुख्य बात काफ़ी समय हो गया स्कूल का नही किया गया कोई मेटिनेश और स्कूल परिसर के बहार इतनी गंदगी का मलबा पड़ा रहता है गांव वालो का कहना है जिले के आला अधिकारी नही लेते स्कूल की सुध शिवपुरी जिला मुख्यालय के अंतर्गत ऐसे कई स्कूल जो कि समय रहते बन्द कर दिए जाते है जिला शिक्षा अधिकारी इन पर कोई कार्यवाही नही करते है ऐसा ही मामला देखने में आया है कि शा.मधमिक विद्यालय मेघौना डांग के अध्यापक कलावत द्वारा भय नजर नहीं आ रहा तभी तो समय से पहले स्कूल बन्द कर बा दिया जाता है ठेके पर आये हुए अथिति शिक्षक महोदय द्वारा ताला लगाकर चले जाते है
और स्कूल परिसर में मवेशियों का आतंक देखने को मिला मवेशियों को खुल्लम खुल्ला स्कूल परिसर में घूमना गंदगी को बढ़ावा दे रहा है माननीय देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के सपने को पतीला लगाए जाता नजर अ रहा है।मोदी जी का सपना है गांव गांव स्वच्छ हो शिक्षा का दरवार माने जाने वाला जब गंदगी अम्बार दिखेगा जहां से शिक्षा प्राप्त होती है तो क्या स्वच्छ भारत अभियान का सपना साकार हो पाएगा देखते हैं क्या अधिकारी इन क्षेत्र के स्कूलों को जल्द निरीक्षण कर कारवाई करेंगे या ईश्वर भरोसे बच्चों का भविष्य छोड़ दिया जायेगा शिक्षक के हाथ में। गांव के लोग की दरकार है जल्द देखा जायेगा स्कूल को तो सही होगा बच्चों का भविष्य। और ठेके पर शासकीय स्कूल चल बाने वाले सतेंद्र कलावत पर कार्यवाही हो ग्रामीण का कहना है जिस दिन से सतेंद्र कलावत जी शा माधमिक विद्यालय मेघौना डांग
स्कूल में उस दिन से स्कूल में आना जाना कम है और ग्रामीण का यह भी कहना है 2012 में कलावत सर को जिले के आला अधिकारियो ने सस्पेंड कर दिया था फिर उन्हें 10 /10/ 16/ को बहाल की कार्यवाही की गई थी फिर से यही आलम सतेंद्र कलावत का देखने को मिला है स्कूल परिसर में तो आना जाना नही है परन्तु गुमराह जरूर किया जा रहा है कल दिनांक शनिवार की बात है जब सतेंद्र कलावत स्कूल पर उपस्थित न मिले जबकि वह कही और थे जब मीडिया द्वारा बर्जन के रूप में सतेंद्र कलावत अध्यापक से जब पूछा गया तो बोले में
(1)इनका कहना है बॉक्स = आर ए प्रजापति प्रभारी डीईओ? आपके द्वारा मामला संज्ञान में लाया गया है जो मामला आप बता रहे है अध्यापक सतेंद्र कलावत का हम दिखबा लेते है जो मामला सामने आएगा उस आधार पर कार्यवाही करेंगे।और हाँ मीडिया को गुमराह और संकुल केंद्र प्रभारी का हबाला देते हुए सीएल का बताया है वह गलत है और कोई सीएल के लिए आवेदन नही दिया और कहा गया सीएल ली है ऐसा नही बोलना चाहिए।
(2)इनका कहना है बॉक्स=? अमित जैन संकुल केंद्र प्रभारी रन्नौद ? आपके द्वारा मेघौना डांग स्कूल का मामला बताया गया है।वह शिक्षक द्वारा हमसे कोई सीएल नहीं ली गई और आवेदन आया है
आप जन शिक्षा केंद्र प्रभारी पंकज सोनी से बात कर लीजिये बो पूरा मामला बता देंगे
(3)इनका कहना है बॉक्स =? सतेंद्र कलावत अध्यापक मोघोनां डांग? में नियमित रूप से डेली स्कूल में आता हु और आज में सीएल पर हु जब मीडिया ने संकुल केंद्र पर जानकारी लेकर द्वारा सतेंद्र कलावत अध्यापक से बात की तो कहने लगे में सीएल पर हु और में खुद वहाँ से पाप्ति लाया हु सीएल की। इस तरह से गुमराह किया जा रहा है कलावत द्वारा क्या मीडिया को कुछ पॉइंट वाली जानकारी नही ली जा सकती क्या।
(4)इनका कहना है बॉक्स? पूरन निवासी मघौना डांग ? जहाँ कोई पड़ाबे कोई न आबे न बच्चन काजे कछु खाबे मिले बस हलबाये से बच्चन काजे पड़ बायो जा रहो है भैया कोई सुनबे वाला नही है ईथे।एक सतेंद्र कलावत अध्यापक है बो कबाऊ आते न है।कैसे पड़े हमरे बच्चा।
(5)इनका कहना है बॉक्स? खेरू जाटव मेघौना डांग निवासी ? सर जी हम आप काजे बताये जहाँ कोई पढ़ाई नही होते है किराये के अथिति शिक्षक से पड़ बाया जा रहा है। बच्चों को कछु न मिले सब माड साब डकार जाते है और समूह वाले
(6)इनका कहना है बॉक्स? पंकज सोनी जन शिक्षा केंद्र प्रभारी ? आपके द्वारा बताया गया है यह अध्यापक सतेंद्र कलावत द्वारा मुझ से कोई सीएल नहीं ली गई संकुल केंद्र रन्नौद पर कोई आवेदन नही पहुचा है ऐसा गुमराह नहीं करना चाहिए था और खास तौर से संकुल केंद्र को एक तरफ से बदनाम किया जा रहा है अनुपस्थिति का मामला बता रहे हैं मामले को देखते हैं जो जांच में आएगा वैधनिक कार्रवाई की जावेगी


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