pub-7443694812611045 गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की वरिष्ठ पत्रकार जकी खान ने मांग की, पंडित विनोद शास्त्री ने सम्मानित किया,।। - Agnichakra

गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की वरिष्ठ पत्रकार जकी खान ने मांग की, पंडित विनोद शास्त्री ने सम्मानित किया,।।

 




बॉक्स -।। बता दे कि सोशल मीडिया पर गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित की मांग करने वाले वरिष्ठ पत्रकार जकी खान हुए सम्मानित - पंडित विनोद शास्त्री ने बढ़ाया हौसला।।


फरहान काजी रन्नौद - शिवपुरी ।। तमाम प्रदेशों में लगातार गोवंश की तस्करी जारी है वहीं कत्ल खानों में भैंसे से भरे कट्टु वाहन एवं गोवंश से भरे वाहन पहुंच रहे हैं ऐसा नहीं है कि जिम्मेदारों को खबर न हो ख़बर होते हुए भी तमाम थानों के आगे से मवेशियों के वाहन निकल रहे हैं अथवा जमकर मवेशी कटने जा रहे है जिससे मुस्लिमों में अब भारी नाराजगी देखने को मिल रही है इसी क्रम में शिवपुरी शहर के जाने माने वरिष्ठ पत्रकार जकी खान ने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग को लेकर एक सकारात्मक और सौहार्दपूर्ण पहल सामने लाई गई है। इस संदर्भ में प्रसिद्ध समाजसेवी पंडित विनोद शास्त्री ने मुस्लिम पत्रकार जकी खान के प्रयासों की सराहना करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया और उन्हें सम्मानित भी किया।।




जानकारी के अनुसार - शिवपुरी शहर के वरिष्ठ पत्रकार जकी खान ने देश के माननीय प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने की मांग उठाई। इस पहल को सामाजिक समरसता और साझा सांस्कृतिक मूल्यों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जकी खान का कहना है कि गाय भारतीय संस्कृति,कृषि और अर्थव्यवस्था का अभिन्न हिस्सा रही है,और इसे राष्ट्रीय पशु का दर्जा देकर इसके संरक्षण और संवर्धन को और मजबूती मिल सकती है।।





बता दे कि इस सराहनीय प्रयास को देखते हुए पंडित विनोद शास्त्री ने सार्वजनिक रूप से जकी खान की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि इस तरह की पहल समाज में एकता,सद्भाव और पारस्परिक सम्मान को बढ़ावा देती है उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि जब विभिन्न समुदायों के लोग एक-दूसरे की भावनाओं और परंपराओं का सम्मान करते हैं,तो देश और अधिक मजबूत बनता है।।




बता दे कि सम्मान समारोह के दौरान पंडित विनोद शास्त्री ने जकी खान को शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका सम्मान किया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने भी इस पहल की सराहना की और इसे समाज में सकारात्मक संदेश देने वाला कदम बताया। इस दौरान इस बात पर जोर दिया कि देश की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है,और ऐसे प्रयास आपसी विश्वास को और गहरा करते हैं इस पहल ने यह भी संदेश दिया कि राष्ट्रीय मुद्दों पर सभी समुदाय मिलकर रचनात्मक भूमिका निभा सकते हैं इस पूरे घटनाक्रम को सामाजिक एकता और सहयोग का एक प्रेरणादायक उदाहरण माना जा रहा है,जिसने यह दिखाया कि संवाद और सम्मान के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।।



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