गैरजिम्मेदार का उदासीन रवैया - एमपी बोर्ड की बड़ी लापरवाही, छात्रा को दिए 15 नम्बर ,कॉपी की जांच हुई तो 35 नम्बर ,मची खलबली,।।
बॉक्स - समय पर परिजनों ने एमपी बोर्ड से कॉपी न मंगवाई होती तो शायद छात्रा कुछ गलत कदम उठा कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर लेती, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ,।।
बॉक्स - पूर्व में एक ओर छात्रा को परीक्षा से गैर हाजिर मानते हुए उसे भी फेल कर दिया था जबकि छात्रा पूरे एग्जाम में प्रजेंट रही, छात्र छात्राओं के परिजनों ने ऐसे जांचकर्ताओं पर कार्यवाही की मांग की है।।
पॉइंट नम्बर 1 -।। छात्रा भारती यादव कक्षा 12 वीं जिसको एमपी बोर्ड के जांचकर्ताओं ने फेल कर दिया था,।।
पॉइंट नम्बर 2 -।। कक्षा 12 वीं की छात्रा की कॉपी जांचते समय जिम्मेदारों की बड़ी लापरवाही महज 15 नम्बर दिए छात्रा को जबकि 35 नम्बर कॉपी में प्राप्त हुए।।
पॉइंट नम्बर 3 -।। वह एमपी बोर्ड की ऑनलाइन कॉपी जिसमें छात्रा को फेल किया,।।
पॉइंट नम्बर 4 - ।।एमपी बोर्ड से मंगाई कॉपी जिसमें नम्बर निकले 35।।
पॉइंट नम्बर 5 - ।। छात्रा की मार्कशीट जिसमें छात्रा का रोलंमबर अंकित है।।
फरहान काजी रन्नौद - शिवपुरी।। जिले के सुभान निकेतन स्कूल रन्नौद की एक छात्रा जो कि पढ़ने में बड़ी ही मेहनती लगनशील थी, लेकिन अफसोस की वह 12 वीं की छात्रा सिस्टम की भेंट चढ़ गई मासूम छात्रा , यहां बता दे कि छात्रा भारती यादव पुत्री बहादुर सिंह यादव ने सुभाष निकेतन स्कूल रन्नौद से इस बर्ष कक्षा 12 वीं की परीक्षा दी थी परीक्षा के पूरे पेपर में प्रजेंट थी लेकिन एमपी बोर्ड के गेर जिम्मेदार अधिकारी पल्स कर्मचारियों ने एक बच्ची के सपनों की उड़ान भरने से पहले ही बच्ची के मानो पर काट दिए हो, ।।
जानकारी के अनुसार - कक्षा 12 वीं की छात्रा भारती यादव ने रन्नौद के सुभाष निकेतन स्कूल में एडमिशन लेकर अपने उज्वल भविष्य को आगे बढ़ाने के लिए छात्रा ने दिन रात पढ़ाई करके एग्जाम की तैयारी की छात्रा को क्या पता था उसकी पढ़ाई की एमपी बोर्ड भोपाल में बैठे गैर जिम्मेदार लोग पढ़ाई की कद्र नहीं करेंगे, हुआ यूं कि छात्रा ने इस बर्ष खूब पढ़ाई की एग्जाम दिए जब एमपी बोर्ड से परीक्षा परिणाम घोषित हुआ तो उसमें छात्रा को अच्छे नंबर में से काट कर महज 15 नम्बर दिए जिससे छात्रा व छात्रा के परिजन सदमे में आ गए छात्रा सदमे में कुछ गलत कदम उठाती उससे पूर्व परिजनों ने एमपी बोर्ड से कॉपी की जांच कराते हुए कॉपी प्राप्त की जिसमें देखा गया कि एमपी बोर्ड के गेरजिम्मेदारों ने कितनी बड़ी लापरवाही की है एक छात्रा भारती यादव के केमस्ट्री विषय में टोटल 64 नम्बर आने थे जिसमें से एमपी बोर्ड के कॉपी की जांच में लगे कर्मचारियों ने टोटल 44 अंक दिए जिससे छात्रा को फेल कर दिया गया , ।।
पाठकों को ज्ञात करा दे कि अभी हफ्तों पूर्व एमपी बोर्ड ने परीक्षा परिणाम घोषित किया था जिसमें कक्षा 12 वीं की छात्रा को कम नम्बर देते हुए, फेल कर दिया जिससे छात्रा बड़ी उदास हुई कि इतना पढ़ाई करने के बाद गैरजिम्मेदार अधिकारियों ने हमारी पढ़ाई की कद्र नहीं की, कुछ छात्रों की माने तो छात्रा कुछ गलत उठती इससे पूर्व परिजनों ने एमपी बोर्ड से एक बार कॉपी को जांच कराई गई ओर कॉपी जब मंगाई तो पता चला कि कक्षा 12 वीं की छात्रा केमस्ट्री सब्जेक्ट में 35 नम्बर प्राप्त किए हैं जबकि सिस्टम में बैठे जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते कम नम्बर देना एक बड़ा सवाल पैदा करता है साथ ही एमपी बोर्ड की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लग गया आखिर कहा ओर किसकी गलती रही जो कि छात्रा के आगे भविष्य को खराब करने की रणनीति बनाई थी।।





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