प्राइवेट बस से शासकीय डाक, चोरी, मची हाहाकार, मामला थाने पहुंचने से पहले चोरी की स्वीकार,।।
पॉइंट नम्बर 1 -।। हर दिन डाक सेवा जाती है प्राइवेट बस से ,इसी के चलते मामला एफआईआर तक नहीं पहुंचा, ।।
पॉइंट नम्बर 2 -।। सवालों के घेरे में बस स्टाप व बस मलिक,डाक विभाग की भी नैतिकता बनती है, डाक समय पर पहुंचे,।।
फरहान काजी रन्नौद, जिले के रन्नौद से भारतीय डाक घर की डाक चोरी का मामला प्रकाश में आया है जहां बारात में गाड़ी ले जाने का बहाना बना कर डाक चोरी,जब डाक शिवपुरी नहीं पहुंची ओर शिवपुरी से जहां डाक जानी होती है वह समय पर न पहुंचने से हड़कंप की स्थिति बनने लगी मामला थाने की चौखट पर पहुंचने ही वाला था कि बस चालक ने आनन फानन में डाक की पड़ताल की तब कही जाकर मालूम हुआ कि बस स्टाप ने बरात के लोगो को बंद बोरी सौंप दी थी इसको अनदेखी कहे या यूं कहे कि चंद टुकड़ों लालच के चलते यह गलत कदम उठाया गया,।।
जानकारी के अनुसार।। रन्नौद डाक घर से रोज की भांति 4 व 5 मई की डाक स्पीड के माध्यम से अन्य जगह पहुंचने के लिए निकली तो अगले दिन डाक प्राप्त न हुई जिस पर भारतीय डाक घर के जिम्मेदारों के भी हाथ पांव फूल गए जिसके बाद पड़ताल करने पर डाक मिल गई तब कही जाकर डाक विभाग के जिम्मेदारों में जान में जान आई,।।
पाठकों को बता दे कि 4 मई व 5 को रन्नौद से डाक स्पीड पोस्ट के जरिए शिवपुरी से होते हुए ग्वालियर पहुंचना थी लेकिन डाक न पहुंची तो मामले की पड़ताल करी तो पता चला कि 13 मई को डाक का वितरण हुआ, जिस पर पूछने पर डाकपाल का जवाब मिला कि बस बारात में चली गई थी बीच रास्ते से,जब डाक नहीं पहुंची तो हमने पता किया कि आखिर क्यों डाक नहीं पहुंची , ।।
बता दे कि शांति से बस स्टाप भारतीय डाक विभाग की डाक बता दे मामला थाने की दहलीज पर पहुंचने ही वाला था कि बस चालक ने बस मलिक से संपर्क साधा ओर बस से डाक चोरी की जानकारी दी सभी ने मिल कर पड़ताल की तो बताया गया कि बारात के कुछ लोग ले गए थे तब कही जाकर उक्त व्यक्तियों से डाक वापस मंगाई तब कही जाकर डाक का शिवपुरी सहित ग्वालियर की डाक का वितरण किया गया,।
बता दे कि अब ऐसे में बड़ा सवाल यह पैदा होता कि इतनी बड़ी गलती या यूं कहे कि कहा ओर कैसे चूक हुई मान लीजिए कि कोई डाक के जरिए बेशकीमती चीज या पैसे भेजता है अगर कही ऐसे ही फिर डाक गायब हुई या चोरी गई तो इसका जिम्मेदार कौन होगा,।।
इनका कहना है - मुकेश सोनी अवस्थी बस कंडक्टर, हमारी बस से जो डाक शिवपुरी के लिए निकली थी,बीच में से बारात के लिए बस चली गई जिसके बाद उक्त डाक को बाराती ले गए, जब मालूम हुआ कि डाक बस में कोई ले गया बाद में पड़ताल की तो डाक मिल गई जिसके बाद 9 मई को शिवपुरी डाक पहुंची,गलती के लिए क्षमा चाहता हु सबसे एवं डाक विभाग के जिम्मेदारों से,।।
इनका कहना है, राकेश ओझा उप डाकपाल अधिकारी रन्नौद, हमारे यहां से रोज डाक रन्नौद की प्राइवेट बस से डाक शिवपुरी पहुंचाई जाती है वहां से जिस जिस क्षेत्र की डाक होती है वहां वितरण हो जाती है, इस बार ऐसी क्या स्थित बनी समझ से परे है, खेर डाक मिल गई ओर वितरण हो गई, अब इसे चोरी कहे या अनदेखी उस मामले में ज़्यादा कुछ नहीं कह सकते हैं क्योंकि हमारी डेली डाक जाती है उक्त बस से, मतलब साफ है दोनों ओर से जिम्मेदारी लेने कोई तैयार नहीं,।।

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