pub-7443694812611045 #MP के रन्नौद में खुले आसमान के नीचे रखा लाखों रुपए का गेहूं धूप पानी से खराब होने के संकेत,।। - Agnichakra

#MP के रन्नौद में खुले आसमान के नीचे रखा लाखों रुपए का गेहूं धूप पानी से खराब होने के संकेत,।।

 



पॉइंट नम्बर 1 -।। मौसम ले रहा कड़वाहट, पानी पड़ने से गेहूं खराब होने के मिले संकेत, जिम्मेदार गहरी नींद में,।।


पॉइंट नम्बर 2 -।। हर साल की तरह इस बर्ष भी किसानों का समर्थन मूल्य पर गेहूं,खुलेआम खुले आसमान के नीचे रखे , तिरपाल डालना भूले बेसुध जिम्मेदार ।।



बॉक्स -।। खरीदी केंद्र पर तैनात जिम्मेदारों की मनमानी, किसानों का बजन से कई गुनाह खरीद रहे गेहूं, किसान व शासन को घाटा,।।


फरहान काजी रन्नौद जिले, ।। समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी तारीख बढ़ने से समर्थन मूल्य पर गेहूं की आवक जारी है , लेकिन वहां खरीदी केंद्र पर तैनात जिम्मेदारों को किसानों के गेहूं की कोई कद्र नहीं है,बता दे कि हर साल रन्नौद क्षेत्र से हजारों कुंटल गेहूं की समर्थन मूल्य पर खरीदी की जाती है लेकिन वह हर साल रिश्वत खोरी की भेंट चढ़ जाती है इस बर्ष भी यही हुआ होगा, मीडिया टीम की पड़ताल में पाया कि गेहूं खुले आसमान के नीचे धूप पानी से खराब होने रखा मिला, जिम्मेदारों से जब इस बारे में पूछ गया तो जिम्मेदार चुप्पी साधे दवे पांव भाग निकले, जब खरीदी केंद्र के जिम्मेदार गलत होते हैं तभी ऐसे ही मीडिया के सवालों से किनारा काटते नजर आते हैं,।।




जानकारी के अनुसार - कृषि मंडी समिति रन्नौद में हर साल शासन के आदेश अनुसार समर्थन मूल्य केंद्र नियुक्त कर किसानों का हजारों कुंटल गेहूं हर साल खरीदा जाता है, लेकिन जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते हर साल किसानों के गेहूं की फसल पर जमकर पानी फिर जाता है यहां बता दे कि किसानों से 800 से 900 ग्राम हर साल गेहूं में नमी बता कर गेहूं ज़्यादा खरीदा जाता है जिम्मेदारों का ध्यान आकर्षित न होने की दिशा में किसानों का जमकर समर्थन मूल्य पर शोषण किया जाता है, राज्य सरकार किसानों की चिंता में हर साल चिंतित रहती है कि हमारे अन्नदाता किसान भाईयों को किसी भी प्रकार की समर्थन मूल्य पर दिक्कत न आए लेकिन जमीनी स्तर पर तैनात खरीदी केंद्र जिम्मेदार राज्य शासन की मंशा पर जमकर पानी फेरने से नहीं चूकते हैं,।।



यहां बताना अतिशयोक्ति होगा कि , समर्थन मूल्य खरीदी केंद्र पर सोसायटी के अलावा सहकारी बैंक के जिम्मेदारों की जिम्मेदारी बनती है कि समिति द्वारा किस मांप दंड के तहत समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद की गई,वैसे अगर देखा जाए तो सही मायने में किसानों की चिंता की किसी को भी परवाह नहीं है इसी का नतीजा यह है कि किसानों का हर साल समर्थन मूल्य खरीदी केंद्र पर जमकर शोषण किया जाता हे है वह शोषण इस बर्ष भी देखने को मिला है किसानों को खुले आसमान के नीचे धूप में खड़ा होकर अपना अपना गेहूं की तोल कराने को मजबूर किसान, समय समय पर जिम्मेदार अधिकारियों ने जायजा लिया होता तो शायद कुछ हद तक समस्या से किसानों को निजात मिल सकती थी,लेकिन यहां भी कुछ नहीं हुआ इससे यही प्रतीत होता है अन्नदाता का ईश्वर के सिवाय कोई नहीं है,।।




पाठकों को ज्ञात करा दे कि हर साल की भांति इस बार भी कृषि मंडी समिति रन्नौद में समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी की गई जिसमें हर रोज किसानों को अनेक प्रकार की समस्या से जूझना पड़ा जैसे कि, किसान को वारदाना समय पर नहीं मिला किसानों को स्वच्छ पानी की किल्लत से जूझना पड़ा, इतना ही नहीं खरीदी केंद्र पर किसानों से 800 से 900 ग्राम ज्यादा गेहूं खरीदा गया अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार क्या कुछ कार्यवाही करते हैं समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की दिनांक 28 मई हो गई है, ऐसे में अगर किसी किसान का स्लॉट बुक हुआ होगा तो इन चार दिनों में वह किसान जरूर गेहूं की तोल कराने आएगा देखना दिलचस्व होगा कि वह शेष अगर बचे हुए किसान है तो उनके साथ कैसा खेल किया जाता है,देखना दिलचस्व होगा।।





बॉक्स -।। 25 से 30 ऐसे किसान हैं जिनके स्लॉट बुक हो गए थे लेकिन वह तारीख पर गेहूं न डाल सके अब ऐसी स्थिति में कैसे उक्त किसानों का गेहूं खरीदा जाएगा बहुत सारे सवाल पैदा होते हैं जिम्मेदारों पर।।




इनका कहना है, हनुमत सिंह खरीदी केंद्र प्रभारी रन्नौद,।।  गेहूं समय समय पर उठ रहा है खुले आसमान के नीचे जो गेहूं रखा है हमने 20 हजार मूल्य लागत की तिरपाल खरीद ली है मौसम खराब होने की स्थिति में जितना सुरक्षित हो सकेगा गेहूं की सुरक्षा करेंगे , बाकी जो किसान का स्लॉट बुक हो गया था उनका गेहूं तुलना मुश्किल है, शासन स्तर से कोई तारीख मिलती है तो संभव है अन्यथा कुछ भी होगा चार दिन शेष है देखते आगे।।



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