गंदा ओर दोषित पानी पीने को मजबूर आदिवासी समुदाय के लोग, पंचायत के जिम्मेदार गहरी नींद में,।।
करीब दो महीने से गंदा ओर दोषित पानी पी रहे , बीमारी व संक्रमण का खतरा, जिम्मेदार महकमे का ध्यान आकर्षित हो तो,गरीब मजदूर वर्ग को दूषित पानी पीने से निजात मिले,।।
29 मई को आई आंधी तूफान ने बिजली लाइन क्षतिग्रस्त कर दी थी , जिसके चलते कई जगह अब भी पानी की किल्लत महसूस की जा रही है
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फरहान काजी रन्नौद, ग्राम पंचायत घिलौंदरा में आदिवासियों समुदाय के लोगों को पिछले दो महीनों से गंदा एवं दोषित पानी पीने को मजबूर है ग्रामीण, सरकार गरीब लोगों को हर छोटी से छोटी सुविधा मुहैया कराने के लिए मंच से बड़े बड़े वादों के कसीदे कसने से चूकते नहीं है,लेकिन जमीनी स्तर पर आम जन व गरीब मजदूर वर्ग के लोग कितने परेशान रहते हैं वह बात किसी से छुपी नहीं है,शासन की हर लाभकारी योजना का लाभ गरीब मजदूर वर्ग को भी मिलता है उदाहरण आम जन के सामने पेश है किस तरह गंदा पानी भरने को को मजबूर गरीब लोग,।।
यहां बताना अतिशयोक्ति होगा कि सरकार के वादों की पोल खोलते हुए पाठकों को ज्ञात करा दे कि , मायापुर थाना क्षेत्र के घिलौंदरा में इन दिनों पानी की समस्या ने विकराल रूप धारण कर लिया है जिसका शिकार गरीब आदिवासी समुदाय के लोग हो रहे हैं, बता दे कि ग्राम पंचायत के जिम्मेदारों की अनदेखी के चलते गांव में जल संकट गहराया है,गांव में आदिवासी समुदाय की बस्ती में शुद्ध पीने का पानी नहीं पहुंच रहा है न ही तेज गर्मी में सरपंच मनी राय ने आम जन को टैंकर से पानी मुहैया नहीं कराया है,जिससे परेशान आदिवासी समुदाय के लोगों ने अपनी जरूरत के लिए पानी की तलाश शुरू की,।।
बता दे कि जब मालूम हुआ कि गांव के ही अशोक राय की खेत तक पाइप लाइन गुजरी है वह दो माह पहले क्षतिग्रस्त हो गई थी जिससे लाल मट्टी मिलोना पानी निकल रहा है जिसे गांव के गरीब लोगों ने बच्चों की भूख प्यास को देखते हुए गंदा पानी भरना चालू किया आज जब गांव के एक जागरूक व्यक्ति उक्त मार्ग से निकलते समय उक्त युवक ने आदिवासी समुदाय के लोगों की समस्या देखी समस्या गंभीर थी समय रहते दूषित पानी से छुटकारा मिले जिससे गंभीर बीमारी से बचा जा सके, जिस पर से नाराज जागरूक व्यक्ति ने जिम्मेदारों का ध्यान आकर्षित कराते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वीडियो फोटो वायरल कर दिए जिससे चर्चाओं का बाजार गर्म है, कि भाजपा राज्य में गरीब लोग दर दर की ठोकड़ खाने को मजबूर हैं, ।।
पाठकों को बता दे कि जब से मनी राय सरपंच पद के लिए निर्वाचित हुए हैं तब से खुद का पेट भरने पर तुले हैं आम जन की सुध लेने को तैयार नहीं सरपंच मनी राय, घिलौंदरा, बता दे कि ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला है।। तामम नेताओं एवं जिला कलेक्टर अर्पित वर्मा को टैग मेंशन करते हुए गरीब जनता की सुध लेने की तरखास्त की गई।।
पाठकों को यह भी बता दे कि गांव में सभी को शुद्ध पानी पहुंचे इसके लिए हर ग्राम पंचायत के सरपंच पर फंड आता है, घिलौंदरा पंचायत में भी लाखों रुपया आता होगा फिर वह पैसा कहा लगाया जाता है,समझ से परे है क्योंकि सरपंच मनी राय की काली करतूत जगजाहिर है इससे साफ पता चलत है कि गांव के प्रधान बीते 4 सालों में क्या कुछ न किया होगा, जिम्मेदारों का ध्यान आकर्षित कब होगा देखना दिलचस्व होगा,।।
वहीं दूसरे सोशल मीडिया यूजर ने मुख्यमंत्री मोहन को इस ओर ध्यान देने की दरकार लगाई है, गंदा पानी पीने से अगर कोई हादसा घटित होता है तो कौन जिम्मेदार होगा, कुछ माह पूर्व इंदौर में दूषित पानी पीने से दर्जनों लोगों की मौत हो गई थी , क्या गांव के प्रधान मनी राय ऐसा गंदा दूषित पानी गरीब मजदूर लोगों को पीने देंगे , क्या गंदा व दूषित पानी शिवपुरी जिले में भी गंदे पानी पीने से मौत का आंकड़ा सामने आएगा,।। हर योजना का बंदरबाट होता चला आ रहा है, अब आम जन को शुद्ध पीने का पानी नहीं पिला सकते हैं तो धिक्कार है ऐसे गांव के प्रधान पर,।।
जागरूक व्यक्ति ने अपना नाम न छपवाते हुए इन लोगों के नाम बताए है जिन्हें दूषित पानी दो महीने से पीना पड़ रहा है , राजू जाटव, विजय जाटव, कृपाल आदिवासी,मुंशी आदिवासी ,सुखबती बाई, रेखा बाई, धनको,आदि लोगो ने गंदा पानी पीकर शिकायत दर्ज कराई है।।
आदिवासी बस्ती में 40 से 50 परिवार निवास करते हैं, जिनकी संख्या लगभग 350 सदस्यों की बताई गई है,।।
वहीं जाटव बस्ती में करीब 200 सदस्य रहते हैं, ऐसे में इन लोगों के सामने दूषित पानी की समस्या जग जाहिर है


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