एक दर्जन से अधिक किसानों के सीमांकन के आदेश,पटवारी मृगेंद्र व आलोक नहीं कर रहे सीमांकन,लेन देन के संकेत ।।
पॉइंट नम्बर 1 -।। 3 जून 2026 को सीमांकन कर जवाब प्रस्तुत करना था लेकिन वह आदेश तो धराशाई हो गया ।।
पॉइंट नम्बर 2 -।। अब किसानों के मत्थे आई चिंता की लखीर,।।
पॉइंट नम्बर 3 -।। किसानों ने मीडिया से लगाई मदद की गुहार बारिश से पहले हमारे खेतों का हो सीमांकन, ।।
पॉइंट नम्बर 4 - ।। किसानों का आरोप है कि हमने शासकीय शुल्क की रसीद कटा ली समय पर काम हो उसके लिए अलग से शुल्क भी दिया उसके बाद भी किसानों को निराशा हाथ लगी,।।
फरहान काज रन्नौद,।। तहसील रन्नौद अंतर्गत ग्राम नेगमा धंधेरा जरिया आदि गांव के किसानों ने अपने निजी खेतों के सीमांकन हेतु तहसीलदार रन्नौद को आवेदन दिया था खेतों में फसल न होने के चलते तहसीलदार महोदय ने पटवारियों को आदेश करते हुए सीमांकन के आदेश दिए सीमांकन की लास्ट दिनांक 3 जून थी सीमांकन की तारीख निकलने के 20 दिन बाद भी पटवारी मृगेंद्र राजपूत व आलोक कुमार दोहरे ने नहीं ली सुध किसान दर दर की ठोकर खाने को मजबूर ।।
जानकारी के अनुसार :- रन्नौद तहसील के धंधेरा व नेगमा के किसानों ने अपने निजी खेतों का सीमांकन हेतु रन्नौद तहसील में आवेदन दिया था किसानों ने शासन के तय शुल्क भी अदा किए जिसके बाद भी किसानों को निराशा हाथ लगी है किसान सुनील गुर्जर ने आरोप लगाते हुए मीडिया को जानकारी दी है कि मेरे पिता सुगर सिंह गुर्जर, मां विद्या वाई गुर्जर,सुनील गुर्जर के सीमांकन का आदेश 22 मई 2026 को हुआ था पटवारी मृगेंद्र राजपूत व आलोक कुमार दोहरे को सीमांकन कर 3 जून 2026 तक जवाब प्रस्तुत करना था वरिष्ठ अधिकारी के आदेश की अवहेलना करते हुए तारीख निकलने पर किसान का सीमांकन नहीं हुआ जिससे दुखी होकर किसान ने मीडिया से समय पर सीमांकन करने की दरकार लगाई है किसान सुनील गुर्जर का यह भी कहना है कि पटवारी आलोक दोहरे गांव में सबके सीमांकन कर रहा है हम जब बोलते हैं तो पटवारी का जवाब मिलता ही कि मिल लो आप फिर काम कर देंगे मिलना मतलब इससे यह प्रतीत होता है कि कृषक दान दक्षिणा दे देगा और तत्काल बिना देरी करे सीमांकन हो जाएगा।।
यहां बता दे कि किसानों के द्वारा फार्म भरने से लेकर सारे शुल्क जमा कर दिए उसके बावजूद दो हल्के के पटवारी महोदय सुनने को तैयार नहीं बारिश होते ही किसान अपने खेतों में फसल की बुवाई शुरू करेगा ऐसे में फिर से अगली फसल कटने की राय देखी जाएगी तब भी किसानों के खेत का सीमांकन होगा या नहीं वह तो पटवारी महोदय पर निर्भर करता है जिम्मेदारों पर उठ रहे सवाल की तारीख निकलने पर पटवारियों ने क्यों नहीं किए सीमांकन,।।
अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार क्या कुछ एक्शन लेते हुए किन तारीख में किसानों का सीमांकन कराएंगे देखना दिलचस्व होगा,।।
इनका कहना है, सुनील गुर्जर निवासी नेगमा - मेरी व मेरे पिता मेरी माता जी का खेत का सीमांकन की फाइल लगी है तहसीलदार महोदय ने आदेश कर दिया था उसके बावजूद काम नहीं हो रहा है बारिश होते ही हमें फसल की बुवाई करना है ऐसे पटवारी मृगेंद्र राजपूत व आलोक कुमार दोहरे बेवजह परेशान करके समय बर्बाद कर रहे हैं शासन के वरिष्ठ अधिकारियों का कोई कंट्रोल नहीं है,जनता चाहे कितनी परेशान हो ले,।।
इनका कहना है, आलोक कुमार दोहरे पटवारी नेगमा हल्का 119 , मेरे पास करीब 40 किसानों के सीमांकन के आदेश है हर रोज सीमांकन कर रहा हु अब शिकायत क्यों कर रहे समझ से परे,।।




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