खबर के बाद नहीं जागे पटवारी मृगेंद्र राजपूत - किसान अब भी सीमांकन की आस में,।।
पॉइंट नम्बर 1 -।। 3 जून को सीमांकन कर संबंधित पटवारी को तहसीलदार महोदय को जवाब पेश करना था, आज भी शून्य ,।।
पॉइंट नम्बर 2।। 3 जून से 5 जुलाई का समय बीत गया, जिम्मेदार के उदासीन रवैया पर तीखा बार,।।
पॉइंट नम्बर 3 -।। अब भी दर्जनों किसान सीमांकन की राह में, ।।
पॉइंट नम्बर 4 - ।। पटवारी की मनमानी या लेन देन के बीच रुका है कृषक का सीमांकन, सोचनीय विषय।।
फरहान काजी रन्नौद,।। राज्य सरकार भले ही किसानों की चिंता तथा जद्दोजहद मंच से जारी रहती हो,लेकिन धरातल पर उनका प्रशासनिक अमला किसानों के साथ शोषण करने पर उतारू है, मानसून सत्र लग गया ज़्यादा बारिश से जमीन के सीमांकन से संबंधित कार्य नहीं हो सकेंगे,ऐसे में रन्नौद तहसील के धंधेरा जरिया के पटवारी मृगेंद्र राजपूत किसानों को परेशान कर रहे हैं,समय पर किसान का सीमांकन नहीं कर रहे हैं ऐसी स्थिति में किसान के चेहरे पर मायूसी साफ दिखाई दे रही है, उसके बावजूद , पटवारी महोदय टालमटोली करने में लगे हैं,।
पाठकों को ज्ञात करा दे कि रन्नौद तहसील के हल्का नम्बर 119 धंधेरा जरिया गांव में एक दर्जन से अधिक किसानों के सीमांकन के आदेश हुए थे जिसको लेकर पटवारी आदेश क्रमांक में निर्देश हुए कि,3 जून तक सीमांकन करने का कष्ट करे, लेकिन पटवारी मृगेंद्र राजपूत है कि अपनी मस्ती में मस्त है, 3 तारीख से 3 तारीख को करीब एक महीना का समय हो जाएगा, अब तक सीमांकन न होना समस्त राजस्व अमला सवालों के लाल घेरे में आ गया कि आखिर क्या वजह है कि आज दिनांक तक सुनील गुर्जर के माता पिता की जमीन सर्वे नम्बर का सीमांकन नहीं हो रहा है,।।
विशेष सूत्रों की माने तो राजस्व निरीक्षक मृगेंद्र प्रति दिन शराब के नशे में लील रहते हैं, इसी के चलते कयास लगाए जा रहे हैं कि सीमांकन ही नहीं अन्य राजस्व कार्य में रत्ती बराबर रुचि नहीं है,अब वरिष्ठ अधिकारियों पर सवाल दर सवाल पैदा होता है कि आखिर पटवारी मृगेंद्र राजपूत पर क्यों मेहरबानी है, जिसके चलते किसी बात का भय नहीं है, जिला कलेक्टर अर्पित वर्मा को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है, की किसानों के सीमांकन सहित अन्य कार्य प्रभावित हो रहे हैं, हालांकि पूरे काम को प्रभावित होना नहीं बता सकते हैं क्योंकि, हर विभाग में अच्छे बुरे कर्मचारी होते हैं जिससे परेशानी का समाना करना पड़ा है,।।
शराब के नशे में चूर चूर रहते हैं इसकी अग्निचक्र डॉट इन न्यूज पुष्टि नहीं करता है लेकिन अगर बाते पटवारी के प्रति प्रति शराब पीने की चल रही है तो बारीकी से जांच होना चाहिए दोषी पाए जाने पर सख्त कार्यवाही भी होना चाहिए जिससे हर राजस्व निरीक्षक अपने काम के प्रति सजक रहे शराब के नशे मे लील होने से बच सके।।
पाठकों को ज्ञात करा दे कि ऐसे कई किसान हैं पटवारी महोदय से पीड़ित हैं,अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार क्या कुछ एक्शन लेते हैं।।

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