फॉलोअप न्यूज बीएमओ & निरीक्षण बीएमओ के निरीक्षण पल्स मीटिंग आज भी ठंडे बस्ते की कहानी में कलेक्टर अर्पित वर्मा ने मामला संज्ञान में क्यों नहीं लिया,।।
बॉक्स नम्बर 1:- निरीक्षण पल्स प्राइवेट चिकित्सक से अनुदान की खबर प्रकाशन के बाद भाजपा नेता डॉक्टर सिमरन रंधावा व जयपाल सिंह यादव ने कई अहम पहलू पर ध्यान आकर्षित कराया था, जिम्मेदार आज भी गहरी नींद में समझ से परे।।
पॉइंट नम्बर 1:- ऐसा प्रतीत होता है प्राइवेट चिकित्सक के पास कोई वैध कागजात नहीं हो इसी के चलते आगे की प्रतिक्रिया भी ठंडे बस्ते की कहानी में दर्ज है,।।
फरहान काजी रन्नौद - शिवपुरी।। विगत रोज पूर्व स्वास्थ्य विभाग के बीएमओ चेतन कुशवाह रन्नौद नगर में बनने जा रही नवनिर्मित सीएचसी बिल्डिंग की जगह का निरीक्षण करने आए थे इस दौरान प्राइवेट चिकित्सक की मीटिंग भी रखी गई थी उसकी चर्चा जोरो पर थी,उक्त मीटिंग में चर्चा जोरो पर यह हुई थी कि बीएमओ चेतन कुशवाह ने मीटिंग के नाम पर वसूली की है जिसके बाद मामला मीडिया में पहुंचा था खबर प्रकाशन के बाद जिम्मेदारों का संतोषजनक जवाब न मिलाना सवालिया निशान खड़े कर रहा है,।।
पाठकों को ज्ञात करा दे कि आज करीब 26 दिन पहले एक खबर प्रकाश में आई थी कि निरीक्षण के नाम पर डॉक्टरों की मीटिंग रखी गई जिसमें एकाएक डॉक्टर पहुंचे जहां तन्हा राशि की आदान प्रदान की खबर मिली जिस पर खबर दर खबर बनी सवाल दर सवाल खड़े हुए जिम्मेदारों की मीटिंग प्लस निरीक्षण वसूली पर तंज आया कि आप मीडिया के लोग जो उचित समझे इसका यही अर्थ हुआ कि खेल ऊंचा हुआ है जिसकी अंजाम की परवाह रत्ती बराबर भी नहीं है अब तो जांच होना ही चाहिए जिससे हर पहलू पर पर्दे उठाए जा सके,।।
पाठकों व अधिकारियों का ध्यान आकर्षित कराते हुए बता दे कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रन्नौद में आज से महज 26 दिन पूर्व नवीन सीएचसी जगह का निरीक्षण करने पहुंचे स्वास्थ्य विभाग के बीएमओ चेतन कुशवाह पर आज भी सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं कि जब निरीक्षण पीएचसी बिल्डिंग का करना था शायद वही शासन के कागजात में ड्यूल यही होगा लेकिन इसी निरीक्षण में प्राइवेट डॉक्टरों का एकाएक आना जाना क्यों शुरू हुआ इस पर मौन स्वीकृति क्यों क्या अब भी कलेक्टर अर्पित वर्मा मामले को अनदेखा करेंगे, ।।
पाठकों को यह बात से ज्ञात करा दे कि निरीक्षण पल्स मीटिंग प्लस वसूली की घटना को लेकर 26 दिन का समय बीत चुका है इतना समय बीतने के बाबजूद चुप्पी साधे हुए है इससे यही प्रतीत होता है कि डॉक्टर आए थे यह अस्पताल परिसर में कैमरे लगे हुए हैं उसमें सब की रिकॉर्डिंग हुई होगी डॉक्टरों का आना जाना रिकॉर्ड न हुआ हो इससे रत्ती बराबर परहेज नहीं किया जा सकता है अब डॉक्टर लोग तो अपनी कार्य क्षमता के हिसाब से अनुदान वसूली के रूप में दे आए होंगे लेकिन ऑन कैमरे पर कोई नहीं बोलेगा क्योंकि शायद ही किसी प्राइवेट चिकित्सक के पास वैध कागजात हो शायद इसी लिहाज से आज दिनांक तक ठंडे बस्ते की कहानी में दर्ज है कोई शोर करता हो करता रहे मीडिया के लोग खबर छपते हैं छपते रहे प्राइवेट ओर सरकारी सिस्टम से मामला सेट हो तो किस बात का भय बर्शते जिम्मेदारों को समय पर अनुदान मिलता रहे फिर कहे कि मीटिंग खाए की फिटिंग सैंया भए कोतवाल तो डर कायका,।।
इनका कहना है चेतन कुशवाह बीएमओ स्वास्थ्य विभाग, इनका पूर्व का बर्जन यह था कि रन्नौद में नई सीएचसी बिल्डिंग बनना है जिसके चलते निरीक्षण करने आना पड़ा बाकी डॉक्टर मिलने आए थे हमारा कोई गलत मतलब नहीं था न ही हमने मीटिंग प्लस निरीक्षण के नाम पर वसूली नहीं की है,।।
इनका कहना है चेतन कुशवाह बीएमओ स्वास्थ्य विभाग, महज 25-26 दिन बाद बीएमओ का नया बर्जन जानकारी लेने पर आया कि , हम केवल पीएचसी बिल्डिंग की कागज का निरीक्षण करने आए थे हमसे कोई भी प्राइवेट चिकित्सक मिलने नहीं आए थे अब सवाल यह पैदा होता है कि आखिर क्या बजह रही होगी कि बयान चेंज कर दिया, इससे यह साफ जग जाहिर होता है कि डॉक्टर मीटिंग में आए थे अब क्या दिया क्या लिया यह जांच का अहम विषय है ,।।

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