जर्जर हालत में स्टेट हाइवे की रोड, हर रोज वाहन चालक हो गए घायल, जिम्मेदारों का मोन धारण
पॉइंट नम्बर 1 -।। रोड बनी तब से आज दिनांक तक दर्जनों मौत, परिजनों को नहीं मिली राहत राशि,।।
पॉइंट नम्बर 2 -।। खस्ता हालत स्टेट हाइवे रोड की आम जनता को आज भी खमियाजा भुगतना पड़ रहा है, घटिया निर्माण पर नहीं किसी जिम्मेदार का अंकुश,।।
पॉइंट नम्बर 3 -।। हर रोज शासन प्रशासन की आवाजाही रहती है रन्नौद पिछोर मार्ग से, क्या वह लोग भी आंख पर पट्टी बांध कर वहां से हो जाते हैं नो दो ग्यारह।।
फरहान काजी रन्नौद @।। मानसून शस्त्र की बारिश होकर रुक गई जिससे रोड पांचवली रोड से लेकर रन्नौद पिछोर मार्ग बेहद खस्ता हाल में है उक्त मार्ग से प्रति दिन हजारों लोगों का निकलना होता है कुछ वाहन चालक तो जैसे तैसे अपने मुकाम तक पहुंच जाते हैं लेकिन कुछ ऐसे भी हैं जो सड़क हादसे का शिकार होकर अस्पताल में उपचार कराने को मजबूर ,।।
ऐसा नहीं है कि जिम्मेदारों को जजर्र रोड की खबर न हो ख़बर होते हुए भी आम जन को मारने छोड़ दिया है ओर जिम्मेदार जनप्रतिनिधि एवं शासन प्रशासन के गैर जिम्मेदार अपनी मोज की जिंदगी ऑफिस में बैठ कर कट रहे ओर शासन की कुर्सी तोड़ रहे हैं,।।
पाठकों को ज्ञात करा दे कि इन दिनों स्टेट हाइवे की पांचवली रन्नौद पिछोर मार्ग बारिश खुलते ही बड़े बड़े गड्ढों का विकराल रूप देखा जा रहा है जिसके बावजूद जिम्मेदार अपनी गहरी नींद में डूबे हुए हैं,।।।
बता दे कि उक्त मार्ग से एक से बढ़ कर एक लग्जरी गाड़िया निकलती है वह भी इन गड्ढों में गिरते उठते निकल जाते है अब परेशान हो तो मध्यमवर्गीय व्यक्ति,।।
विशेष सूत्रों की माने तो रोड निर्माण कंपनी ने पूर्व में हुए कार्य में भारी मिलावट व लापरवाही की गई थी जिसका नतीजा आम जन को भुगतना पड़ रहा है सालों साल चलने वाली रोड डालने के उपरांत ही जर्जर हालत में हो गई थी उसके बाद ठेकदार पर जिम्मेदार कोई ठोस कार्यवाही नहीं कर पाए ठेकदार ने भी खानापूर्ति करने के लिए चंद रोड के गड्ढे भर कर इति श्री दर्ज कर ली अब गोर करने वाली बात यह होगी कि जिम्मेदार रोड निर्माण विभाग कब हरकत में आता है ओर गहरे गड्ढों को बंद करने क्या पुख्ता इंतजाम करता है देखना दिलचस्व होगा,।।
बारिश का मौसम चल रहा है क्या गड्ढे भरने से काम चलेगा या नहीं वह भी देखना दिलचस्व होगा,।।
सुना है पांचवली रन्नौद पिछोर मार्ग को फिर से बनाएं जाने की कागजी कार्यवाही शुरू हो गई है 100 - 100 करोड़ के दो टेंडर लगे हैं जिसमें एक टेंडर हो गया है अब वह बकाई में टेंडर हुआ या यूं ही अफवाह फैला कर आम को मरने छोड़ दिया हो।।

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