अंबेडकर पार्क में राष्ट्रीय ध्वज का अपमान,उल्टा तिरंगा लगा कर फहराया, ।।
बॉक्स :- रन्नौद नगर में स्थित अंबेडकर पार्क में स्वतंत्रता दिवस का पर्व मनाते समय तिरंगे झंडे का सम्मान भूले राष्ट्रीय ध्वज का अपमान,सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में ऐसे कैसे हुआ अपमान नैतिकता की जिम्मेदारी किसकी।।
फरहान काजी रन्नौद ।। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर रन्नौद के अंबेडकर पार्क में राष्ट्रीय ध्वज को कथित रूप से उल्टा लगाए जाने का मामला सामने आया है पार्क में तिरंगा उल्टी स्थिति में लगा दिखाई देने के बाद लोगों में नाराजगी देखने को मिली राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और गरिमा को लेकर निर्धारित नियमों के अनुसार तिरंगा फहराते समय केसरिया रंग हमेशा ऊपर और हरा रंग नीचे होना चाहिए ऐसे में राष्ट्रीय ध्वज का उल्टा लगा होना गंभीर लापरवाही का विषय है।।
जानकारी के अनुसार।। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व पर राष्ट्रीय ध्वज के साथ ऐसी लापरवाही नहीं होनी चाहिए लोगों ने जिम्मेदार अधिकारियों से मामले की जांच कर लापरवाही करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है स्थानीय लोगों ने स्पष्ट कहा कि तिरंगे का अपमान किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा प्रशासन को तत्काल मामले का संज्ञान लेकर यह सुनिश्चित करना चाहिए कि भविष्य में राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान और नियमों के साथ किसी प्रकार की लापरवाही न हो।
आइए हम पाठकों को जानकारी से अवगत कराते है :- राष्ट्रीय ध्वज तिरंगे को उल्टा फहराना (हरा रंग ऊपर और केसरिया नीचे) भारतीय ध्वज संहिता (Flag Code of India) और राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम के तहत देश के सम्मान के विरुद्ध एक गंभीर लापरवाही या उल्लंघन माना जाता है।।
अंतर्राष्ट्रीय नियमों के अनुसार भी उल्टा झंडा फहराना संकट (Distress) का प्रतीक माना जाता है
तिरंगे को लेकर मुख्य नियम व सावधानिया
आइए जानते हैं क्या सही क्रम है : तिरंगे में सबसे ऊपर हमेशा केसरिया (Saffron) रंग, बीच में सफेद रंग और सबसे नीचे हरा (Green) रंग होना चाहिए।।
- सम्मान: झंडा फटा, गंदा या क्षतिग्रस्त नहीं होना चाहिए और यह कभी भी जमीन या पानी को नहीं छूना चाहिए।
- गलती होने पर कार्रवाई: यदि अनजाने में भी झंडा उल्टा फहराया जाता है, तो यह कानूनी कार्रवाई या विवाद का विषय बन सकता है, इसलिए ध्वजारोहण से पहले उसकी सही स्थिति की जांच करना अनिवार्य है।।

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